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मनोरोगों के लिए गोली खाना नहीं है शर्म की बात – डूडी

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रिपोर्ट दिलीप लोहार बाङमेर

बाड़मेर, 03 अगस्त।
मानसिक बीमारियां पूर्णत: सही हो सकती है । बशर्ते समय पर उचित उपचार लिया जाए। ज्यादातर बीमारियों में कुछ समय के बाद दवाइयां भी बंद की जा सकती है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बालोतरा के नाहटा हॉस्पिटल में शनिवार को आयोजित


मानसिक रोग नशा मुक्ति निदान तथा उपचार शिविर के दौरान जिला नोडल अधिकारी एवं मनोरोग
विशेषज्ञ डॉ ओ .पी. डूडी ने यह बात कही।
इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी एवं मनोरोग विशेषज्ञ ओ.पी. डूडी ने कहा कि आमतौर पर यह देखा गया कि लोग दवाई लेने को लेकर बहुत सारी शंकाओं से घिरे रहते हैं ,लेकिन मानसिक रोगों के लिए दवा लेना कोई बुरी बात नहीं है ,इससे मरीज में अप्रत्याशित सुधार आते हैं और उसका जीवन स्तर सुधरता है। कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ आर. एल .खत्री ने कहा कि मानसिक रोगियों की तादाद दिनोंदिन बढ़ रही है। कई बार मनोचिकित्सको की कम संख्या के कारण उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पाता है उन्होंने नाहटा हॉस्पिटल में प्रति माह पहले शनिवार को कैंप आयोजित किए जाने के फैसले को सराहा और कहा कि इससे क्षेत्र के मरीजों को काफी फायदा होगा। शिविर में नर्सिंग अधीक्षक नारायण कछ्‌वाह,साइकेट्रिक नर्स भानु शर्मा ,फार्मासिस्ट श्री सुजा राम कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीमती सीता वार्ड बॉय श्री लक्ष्‍मण खींची ने अपनी सेवाएं दी । सितंबर माह में यह कैंप 7 तारीख को आयोजित किया जाएगा।
डा . डूडी ने बताया कि शनिवार को आयोजित शिविर में 31 मरीजों
को लाभान्वित किया गया। साथ ही 3 मनोरोग विकलांगता प्रमाण पत्र सत्यापित किए गए। शिविर में आने वाले मुख्य मरीज अवसाद, तनाव व सिर दर्द के थे । मरीजों को उचित सलाह के साथ साथ नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गई तथा उन्हें लगातार फॉलोअप लेने की सलाह दी गई।

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