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नागरिकता संशोधन बिल के क़ानून बनने के बाद से देश के कई हिस्सों में धरना-प्रदर्शनों का दौर

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नागरिकता संशोधन बिल के क़ानून बनने के बाद से देश के कई हिस्सों में धरना-प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि केन्द्र की सरकार ने बहुमत का दुरूपयोग करके जो नागरिकता संशोधन कानून बनाया है वह संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इस कानून में धर्म के आधार पर नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है जोकि असंवैधानिक है। पूज्य बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी ने देश का जो संविधान बनाया है वह किसी भी नागरिक के साथ धर्म-जाति-भाषा आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करता है। बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाये गए धर्मनिरपेक्ष और समानता पर आधारित संविधान पर नागरिकता का काला कानून सीधा हमला करता है। इससे देश की एकता-अखंडता-शांति, सद्भाव और भाईचारा संकट में आ गया है। देश भर में नागरिक इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। यह काला कानून आइडिया ऑफ़ इण्डिया के भी खिलाफ है। इस काले कानून का घोषित उद्देश्य राजनैतिक लाभ के लिए नागरिकों को बांटकर धुर्वीकरण करना है। इस घिनोने षड़यंत्र के खिलाफ देश भर में छात्र-छात्राएं आंदोलित हो रहे हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों के भारत और संविधान को बचाने के लिए देश के कई विश्विद्यालयों के छात्र-छात्राएं लगातार शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन इन विरोध-प्रदर्शनों को सरकार के इशारे पर कुचला जा रहा है। दिल्ली के जामिया विश्विद्यालय, अलीगढ़ के एएमयू विश्विद्यालय और असम राज्य सहित कई जगह छात्र-छात्रााओं के साथ पुलिस के द्वारा बर्बरता की गई। छात्र-छात्रााओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, कैम्पस में घुसकर पुलिस के द्वारा उन्हें बढ़ी ही निर्दयता के साथ पीटा गया है। छात्र-छात्रााओं पर इस तरह अत्याचार करके शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का लोकतान्त्रिक अधिकार उनसे छीना जा रहा है।

महामहिम जी, न्यूज चैनलों और अखबारों के माध्यम से पूरे देश व दुनिया भर के लोगों ने छात्र-छात्रााओं पर की गई पुलिस की दमनात्मक कार्यवाही को देखा है। और देश में वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है उसे भी लोग देख रहे हैं। आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि देश को बांटने वाले संविधान विरोधी नागरिकता संशोधन कानून को देश हित में वापिस लेने के लिए केन्द्र सरकार को आदेशित करने की महान कृपा करें। एवं कैम्पस में घुसकर छात्र-छात्रााओं के साथ हिंसा करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ छात्र हित में वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करवाने हेतु संबंधितों को आदेशित करने की महान कृपा करे ज्ञापन 144 की धारा क सम्मान करते हुए दिया गया जिसमें उपस्थित रहे संजय अहिरवार बाबूलाल चौधरी बबलू चौधरी पवन चौधरी पुष्पेंद्र चौधरी रियासत खान सफी खान साहब चौधरी और पद चौधरी नीरज अहिरवार दिलीप अहिरवार पुष्पेंद्र अहिरवार अहिरवार रमेश अहिरवार नरेश अग्रवाल दोहावली राम कुमार बंशकार सनी अहिरवार सोनू अहिरवार करण अर्जुन हर बार कमरिया हर बार विकास बंशकार जितेंद्र प्रजापति संगीत प्रजापति मोहन अग्रवाल आराधी छात्र अधिक संख्या में मौजूद रहे

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