News Express24

site logo
Breaking News

गुजरात से नहीं टकराएगा तूफान, महाराष्ट्र सहित इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

 

नई दिल्ली  : – मनोहर पांचाल:,,,

मौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवाती तूफान ‘महा’ अब गुजरात के तट से नहीं टकराएगा। पहले इसके 7 नवंबर को गुजरात के तट से टकराने की चेतावनी जारी की गई थी। इसके अलावा महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी गई है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी एक नया चक्रवाती तूफान बुलबुल बनता हुआ दिखाई दे रहा है। बुलबुल इस साल का 7वां चक्रवाती तूफान होगा।


मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए चक्रवाती तूफान महा के कारण छह नवंबर को गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र तथा अंडमान निकोबार में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश, तथा कोंकण, गोवा एवं मध्य महाराष्ट्र में तेज बारिश की आशंका जतायी थी। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू कश्मीर में तेज बर्फीली हवायें तथा पंजाब और हिमांचल प्रदेश में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की है। सात नवंबर को गुजरात में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश के अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अंडमान निकोबार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा इन इलाकों के अलावा हरियाणा में गरज चमक के साथ तूफानी हवाओं की चेतावनी दी है।
इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि 6 नवंबर की रात या 7 नवंबर की सुबह चक्रवात ‘महा’ गुजरात के पोरबंदर और दीव के बीच समुद्री तट से टकरा सकता है। इस दौरन वहां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के साथ-साथ ही तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक चक्रवाती तूफान महा के कारण तटीय कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। यह तूफान सात नवंबर को गुजरात तट पर दस्तक दे सकता है।
वहीं दूसरा तूफान बुलबुल भारत के पूर्वी तटों को प्रभावित करने वाला है। लेकिन इसके हिट करने की लोकेशन का अभी सटीक अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि अधिक संभावना ओडिशा या उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय भागों पर इसके लैंडफॉल के संकेत अभी मिल रहे हैं।

आपदा प्रबंधन बल दल तटों पर तैनात

गुजरात में मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुये कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र और दमन एवं दीव में आने वाले महा चक्रवात से निपटने की तैयारी का जायजा लिया गया। बैठक में गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों ने बताया कि दोनों राज्यों में जरूरी तैयारियां कर ली गई है तथा आपदा प्रबंधन बल के दलों को तटरक्षक एवं नौसेना के पोतों के साथ तैनात कर दिया गया है।

महाराष्ट्र के पालघर में स्कूल-कॉलेजों में तीन दिन की छुट्टी

चक्रवात महा के कारण भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्कूल और कॉलेज छह से आठ नवंबर तक बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पालघर और पड़ोस के ठाणे जिले में मछुआरों को अगले तीन-चार दिनों तक समुद्र में नहीं निकलने को कहा गया है। पालघर के जिलाधिकारी कैलाश शिंदे ने तीन दिनों के लिए स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है।

चक्रवात फणि के बाद बुलबुल से ओडिशा में दहशत

ओडिशावासी अभी कुछ माह पहले आए ‘फणि’ चक्रवात से पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए हैं कि प्रदेश में एक और चक्रवात के आने की आशंका ने लोगों में दहशत का माहौल उत्पन्न कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान के पास सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। इसके अगले 12 घंटे में और गहराने की आशंका है। जिससे यह अगले 24 घंटे में तूफान का रूप धारण कर सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगर यह डिप्रेशन तूफान का रूप धारण करता है तो फिर इसका नाम ‘बुलबुल’ रखा जाएगा।

यह तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल में किस स्थल से टकराएगा, फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिर भी सतर्कता के तौर पर संभावित तूफान को देखते हुए ओडिशा में तमाम बंदरगाहों पर एक नंबर खतरे का निशान जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल इसका केंद्र पारादीप से करीब 950 किलोमीटर दूर है। बुधवार तक इसके और अधिक सक्रिय हो जाने की आशंका है। इसके बाद ही यह तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके उत्तर ओडिशा, बंगाल होते हुए बांग्लादेश की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है।

राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ‘महा’ के असर से राजस्थान के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 7 नवंबर को प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ ही 80-100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की रक्षा चक्रवात ‘महा’ का असर आगामी 4 से 5 दिन तक दिखाई देगा।

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

यह भी पढ़े ..

ट्रेंडिंग न्यूज़ ..

Add New Playlist